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भारत नेपाल सीमा पर आवागमन शुरू नहीं होने से आम जनों सहित दुकानदारों आर्थिक समस्याओं का सामना

liveaapnews : खोरीबाड़ी । भारत नेपाल सीमा के गलगलिया भद्रपुर पर आवागमन शुरू नहीं होने से आम जनों सहित दुकानदारों को आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है । सीमा पर आवागमन सामान्य करने को लेकर लोगों ने पूर्व में भी गृह मंत्रालय भारत सरकार, स्थानीय डीएम, स्थानीय सांसद, विधायक, एसएसबी 41वीं बटालियन कमांडेट इत्यादि को पत्र प्रेषित किया था । परंतु अभी तक सीमा पर आवागमन बहाल नहीं हो सका है । उल्लेखनीय है की कोविड -19 के कारण जारी लॉकडाउन के कारण करीब डेढ़ वर्षों से गलगलिया भद्रपुर सीमा पर आवागमन बाधित है । वहीं दूसरी ओर गलगलिया भद्रपुर सीमा पर आवागमन सामान्य करने को लेकर नेपाल भद्रपुर में भी लोगों ने कदम उठाया है । इसी कड़ी में झापा जिला व्यवसाई संघ की ओर से नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउवा को ज्ञापन भेजा है । व्यवसाई संघ के प्रतिनिधि मंडल ने झापा जिला अधिकारी श्रवणकुमार तिमिल्सिना को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है । भारत नेपाल सीमा से सटे लोगों ने कहा कि हम सीमावर्ती क्षेत्र गलगलिया के आम नागरिक होने के साथ यहाँ के खुदरा दुकानदार भी हैं। भारत नेपाल सीमा पर अवस्थित गलगलिया व आस पास के बाजार में करीब दो सौ से अधिक छोटी बड़ी दुकान हैं जिसका 80 फीसदी कारोबार नेपाल के ग्राहकों से चलता है। कोरोना वायरस को लेकर सुरक्षा हेतु करीब डेढ़ वर्षों से इंडो नेपाल बार्डर सील कर दिया गया है । जिससे व्यापार में भारी गिरावट आई है। वहीं कई दुकानदारों ने अपना दुकान को पूरी तरह से बंद कर यहाँ से पलायन कर लिया । यहाँ के लोगों की आर्थिक स्थिति दिन प्रतिदिन काफी खराब होती जा रही है । वहीं इस क्षेत्र से सैकड़ों मजदूर सटे हुए नेपाल क्षेत्र के फैक्ट्री में मजदूरी कर अपना परिवार का भरण पोषण करते थे । लॉक डाउन में सीमा बंद इन मजदूरों के साथ हम व्यापारियों सहित मजदूर , ई रिक्सा चालकों, सब्जी बेचने वालों पर काफी गहरा असर पड़ा है । और यहां सन्नाटा पसरा हुआ है । सीमावर्ती लोगों को उम्मीद थी कि इस नए साल में इंडो – नेपाल बॉर्डर खुल जाएगा और हम फिर से रोजगार व मजदूरी से जुड़ जाएंगे मगर अब तक बॉर्डर नहीं खुलने से हम स्थानीय लोगों सहित मजदूरों व छोटे दुकानदारों की आर्थिक दशा बिगड़ चुकी है जिससे हम जनांदोलन के लिए बाध्य हो रहे हैं। सीमा बंद होने से नेपाल के लोगों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है । नेपाल से बीमार लोग भारत में उपचार के लिए नहीं आ पा रहे वहीं आंखों का इलाज के लिए लोग भारत से नेपाल भी नहीं जा पा रहे हैं। लोगों ने संबंधित अधिकारियों से प्रार्थना करते हुए समस्याओं पर कृपापूर्ण विचार करते हुए बंद सीमा को खोलकर पुनः पूर्व की तरह आवागमन शुरू करने की मांग किया है । ताकि सीमावासी फिर से अपनी आर्थिक दशा को सुधारकर जीवन को पटरी पर ला सकें। अन्यथा रोजी – रोटी के लिए सीमा पर अनशन करने के लिए बाध्य होंगे । वहीं लोगों ने अन्य सीमा पर कोरोना नियमों का पालन कर हो रहे आवागमन के तरह गलगलिया भद्रपुर सीमा पर भी आवागमन बहाल करने की मांग की है ।