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महिलाओं को तनाव के संकेत अकेले होने पर डिप्रेशन को कैसे हराएं एक वर्कशॉप कराया गया

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खोरीबाड़ी। 19 वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल अंतर्गत डी समवाय सुखानी में नॉर्थ बंगाल मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक डाँ सम्राट देब व डाँ सप्तक हलधार के द्वारा जवान व महिलाओं को तनाव के संकेत अकेले होने पर डिप्रेशन को कैसे हराएं एक वर्कशॉप कराया गया जिसमे डॉ सम्राट देब व डॉ सप्तक हलधार ने तनाव और डिप्रेशन को कैसे हराएं के बारे मे अच्छी तरह से परिभाषित किया तथा सभी जवान व महिलाओं को मानसिक स्थिति के बारे मे पूछा की लड़के और लड़कियां अकेले होने पर डिप्रेशन को कैसे हराएं? बताया की खुद अपने दम पर डिप्रेशन से बाहर आ सकते हैं । आप अकेले हैं, तो भी डरने की कोई बात नहीं है ।क्योंकि अकेले दम पर भी अवसाद से बाहर निकला जा सकता है। जब आप तनाव में होते हैं, तब आपकी भौहें चढ़ जातीं हैं। जब आप इस तरह त्यौरी चढाते हैं, तब आपके चेहरे की 72 नसें और माँस-पेशियाँ उपयोग में लाते हैं। तनाव आपकी मुस्कान को भी गायब कर देता है। आपकी बॉडी लेंग्वेज आपकी मानसिक स्थिति और शारीरिक तंत्र की उर्जा का संकेत दे देती है। एक्सरसाइज डिप्रेशन और चिंता को दूर करने का सबसे बेहतर उपाय है। एक्सरसाइज करने से ना सिर्फ तनाव कम होता है बल्कि दिमागी हालात भी बेहतर होते हैं। शोधकर्ताओं के मुताबिक व्यस्को को सप्ताह में 150 मिनट से लेकर 300 मिनट तक एक्सरसाइज करना चाहिए। कुछ एक्सरसाइज ऐसी है जो आपके मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर करती है। भावनात्मक अस्थिरता, तनाव होने के कारणों में से एक है। हर एक भावना के लिए हमारी श्वास में एक विशेष लय है। धीमे और लंबे श्वास आनंद और उग्र श्वास तनाव का संकेत देते हैं। जिस तरह से एक शिशु श्वास लेता है वह एक वयस्क के श्वास लेने के तरीके से भिन्न है। हम अपना आधा स्वास्थ्य संपत्ति कमाने में खर्च कर देते हैं और फिर हम वह संपत्ति स्वास्थ्य को वापस सुधारने में खर्च कर देते हैं। यह किफायती नहीं है। अगर कोई छोटी-मोटी असफलता आ जाए तो चिंता न करें, हर एक असफलता एक नई सफलता की ओर बड़ा कदम है। अपना उत्साह बढ़ाइए। अगर आप में कुशलता है तो आप किसी भी परिस्थिति में व्यंग्य को डाल कर उसे पूरी तरह से बदल सकते हैं। म्यूजिक सुनना भी एक मददगार टिप है, जो आपके तनाव और अवसाद को कम करने में मदद करता है। कई शोध में यह बात सामने आई है कि जो लोग अपने पास पालतू जानवर रखते हैं, वह मानसिक स्तर पर ज्यादा मजबूत होते हैं । वर्कशॉप में दी गई जानकारी किसी भी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है । यह सिर्फ शिक्षित करने के उद्देश्य से दी जा रही है। इस अवसर पर निरीक्षक डिगर राम,सहायक उप निरीक्षक गुरुसेवक, सहायक उप निरीक्षक माणिक चंद सिकदर एवं समस्त जवान भी मौजूद रहे।

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