Share on whatsapp
Share on twitter
Share on facebook
Share on email
Share on telegram
Share on linkedin

Malda news:निविदा प्रपत्रों के बंटवारे पर पंचायत में तोड़फोड़।

Share on whatsapp
Share on facebook
Share on twitter
Share on email
Share on telegram
Share on linkedin

live aap news : मालदा हरिश्चंद्रपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत दौलतपुर ग्राम पंचायत में निविदा प्रपत्र के बंटवारे को लेकर तृणमूल कार्यकर्ता आपस में भिड़े। जिसमें एक समूह ने तृणमूल संचालित ग्राम पंचायत कार्यालय पर हमला किया। जिसमें टेंडर फॉर्म लूटने का प्रयास व बर्बरता की गई। दो जमीनी समूहों के बीच हिंसा ने पंचायत में तोड़फोड़ की। घटना को लेकर इलाके में पुलिस तैनात कर दी गई है। जबकि 3 हिरासत में लिए गए।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार आज दौलतपुर पंचायत में टेंडर फॉर्म का वितरण किया जाना था। जब ग्राम पंचायत के क्षेत्र से कई ठेकेदार फॉर्म लेने के लिए पंचायत में आए तो प्रधान मुबारक हुसैन और ग्राम पंचायत के सदस्यों ने अपने फॉर्म देने से इनकार कर दिया।इसी बीच पंचायत अध्यक्ष व अन्य सदस्यों का ठेकेदारों से विवाद हो गया। परिणामस्वरूप दो समूहों के बीच झड़पें हुईं और यहां तक ​​कि पंचायत की कुर्सियों और मेजों को भी तोड़ दिया गया। पंचायत के महत्वपूर्ण दस्तावेज फाड़े गए। घटना की खबर मिलते ही हरिश्चंद्रपुर थाने के आईसी संजय कुमार दास के नेतृत्व में भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचकर तीन लोगों को गिरफ्तार कर थाने लाया गया। बाकी कथित तौर पर भाग गए।
ज्ञात हुआ है कि आज की अशांति के पीछे दो जमीनी समूह हैं।पंचायत कार्यालय में मौजूदा मुखिया मुबारक हुसैन और पूर्व मुखिया तफज्जुल हुसैन के समर्थकों ने एक दूसरे पर हमला किया।
पंचायत सूत्रों के मुताबिक दौलतपुर ग्राम पंचायत में आज टेंडर का पहला दिन था। पूर्व मुखिया हुसैन का दल पंचायत में टेंडर फार्म लेने आया था, लेकिन मौजूदा मुखिया मुबारक गुट ने उसे रोक दिया और यहीं से संघर्ष शुरू हो गया। इसके बाद घटना विवाद और तोड़फोड़ में बदल गई।
पूर्व मुखिया हुसैन ने दावा करते हुए कहा कि मौजूदा मुखिया मुबारक हुसैन ने मुझे जमीनी नेताओं के संपर्क से अलग करने का कुचक्र किया जा रहा है। क्योंकि यह मुखिया जनता का सारा पैसा लूट रहा है। वह ठेकेदारों के अपने समूह को किराए पर लेने के लिए पंचायत क्षेत्र के अन्य ठेकेदारों को बांट रहा है। इसी का विरोध करने पर उन ठेकेदारों को पीटा गया। जब मैं मुखिया था तो सरकार के विभिन्न योजनाओं को लोगों तक पहुंचाता था। लेकिन वह एक के बाद एक कल्याणकारी परियोजनाओं से पैसे निकालने के लिए इस क्षेत्र में जमीनी स्तर के भ्रष्ट नेताओं के साथ हाथ मिला कर काम कर रहा हैं। यहां तक ​​कि क्षेत्र में विकास परियोजनाओं को भी रोका जा रहा है। उन्होंने अपने ही लोगों के अलावा किसी को कोई टेंडर नहीं देने का फैसला किया है। यही झमेला होने का कारण है।
उधर मौजूदा प्रमुख मुबारक हुसैन ने कहा कि पूर्व प्रमुख द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं।आज का हमला उन्हीं की मदद से हुआ।आज मैं पंचायत कार्यालय में बैठा थाऔर आज से टेंडर हो गया। हमने पंचायत क्षेत्र में सभी से संपर्क कर एक साझा फैसला किया। लेकिन पूर्व मुखिया हुसैन के कहने पर इलाके के कुछ संपर्कियों ने आकर पंचायत में खलबली मचा दी और मुझे व अन्य सदस्यों को पीटा, पंचायत में तोड़फोड़ की। बाद में पुलिस ने आकर हमें बचाया। सभी घटनाएं आज पूर्व पंचायत प्रमुख के कहने पर वो इशारे पर हुईं है।
हालांकि घटना को लेकर जमीनी स्तर का नेतृत्व मुंह नहीं खोलना चाहता।
इस बीच इलाके के भाजपा नेतृत्व ने इस घटना को लेकर कहा कि पार्टी अब भ्रष्टाचार के अंतिम चरण में चली गई है क्योंकि क्षेत्र में भाजपा नेतृत्व कटमनी का उजागर कर रहा है। जमीनी लोगों ने जनकल्याणकारी परियोजनाओं से पैसा कमाना शुरू कर दिया है। सही तरीके से बंटवारा नहीं होने के कारण वे आपस में लड़ रहे हैं। परिणाम स्वरूप इनकी भ्रष्टाचार सामने आ गई। टेंडर फॉर्म को लेकर घटित घटना आज की यह कोई नई बात नहीं है। बल्कि इस समूह की संस्कृति है।
राजेश कुमार जैन
संवाददाता: मालदा।

Share on whatsapp
Share on facebook
Share on twitter
Share on email
Share on telegram
Share on linkedin
advertisement

Latest News